How to complaint in labour court: कंपनी से परेशान हैं तो ऐसे करें शिकायत

By nhrccc369

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How to complaint in labour court

अगर कंपनी ने आपकी सैलरी रोक दी है, बिना वजह नौकरी से निकाल दिया है, फुल एंड फाइनल सेटलमेंट नहीं दिया है या वेतन से गलत कटौती कर ली है तो चुप बैठने की जरूरत नहीं है।

ऐसे मामलों में कर्मचारी श्रम विभाग के सामने शिकायत कर सकता है और जरूरत पड़ने पर मामला औद्योगिक न्यायाधिकरण तक भी जा सकता है।

how to complaint in labour court 21 नवंबर 2025 से देश में चार नई श्रम संहिताएं लागू हो चुकी हैं। इनमें औद्योगिक विवादों से जुड़े मामलों के लिए औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 लागू है।

सबसे आसान शुरुआत केंद्र सरकार के SAMADHAN पोर्टल से की जा सकती है। यह पोर्टल श्रमिकों को औद्योगिक विवाद, वेतन से जुड़ी शिकायत, अवैध नौकरी से निकालने, गलत कटौती और कई अन्य रोजगार संबंधी शिकायतें दर्ज करने की सुविधा देता है।

How to complaint in labour court में पहला कदम क्या है

सबसे पहले अपनी समस्या को साफ-साफ लिखकर रखें। मसलन कंपनी ने कब नौकरी पर रखा, आपका पद क्या था, कितनी सैलरी तय हुई थी, कितने महीने की सैलरी बाकी है, नौकरी कब खत्म की गई और कंपनी से आपने कब-कब पैसा या अपना अधिकार मांगा।

इसके बाद कंपनी को लिखित शिकायत देना बेहतर रहता है। ईमेल, पत्र या उपलब्ध आधिकारिक माध्यम से कंपनी से अपना बकाया मांगें। शिकायत की कॉपी और कंपनी के जवाब को संभालकर रखें। How to complaint in labour court आगे मामला बढ़ने पर यही कागज आपके काम आएंगे।

SAMADHAN पोर्टल से शिकायत कैसे करें

केंद्र सरकार का SAMADHAN पोर्टल श्रमिकों की शिकायत दर्ज करने का एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन माध्यम है। इसमें अवैध तरीके से नौकरी से निकालना, भुगतान में देरी, कम भुगतान, अनधिकृत कटौती, ओवरटाइम का भुगतान नहीं करना और दूसरी रोजगार संबंधी शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं। How to complaint in labour court

आप SAMADHAN पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए नाम, मोबाइल नंबर और दूसरी जरूरी जानकारी देनी होती है। पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने के बाद उसका स्टेटस भी देखा जा सकता है।

How to complaint in labour court SAMADHAN पर खुद शिकायत दर्ज करने के लिए कोई शुल्क नहीं है। अगर कोई कर्मचारी कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी के माध्यम से शिकायत दर्ज कराता है तो पोर्टल के अनुसार सीएससी संचालक प्रति आवेदन ₹30 तक सेवा शुल्क ले सकता है।

Labour Court में मामला सीधे जाता है या पहले श्रम विभाग?

How to complaint in labour court यह बात समझना बहुत जरूरी है। आम तौर पर औद्योगिक विवाद में पहले सुलह अधिकारी के सामने मामला रखा जाता है। सुलह अधिकारी कर्मचारी और नियोक्ता के बीच विवाद खत्म कराने की कोशिश करता है।

औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 की धारा 53 के तहत सुलह अधिकारी विवाद की जांच करके समझौता कराने का प्रयास करता है। अगर समझौता नहीं होता तो वह अपनी रिपोर्ट संबंधित पक्षों और सरकार को भेजता है। कानून में सुलह प्रक्रिया की रिपोर्ट के लिए सामान्य तौर पर 45 दिन तक का प्रावधान है। How to complaint in labour court इसके बाद निर्धारित स्थिति में संबंधित पक्ष औद्योगिक न्यायाधिकरण के सामने आवेदन कर सकता है।

इसलिए हर मामले में सीधे कोर्ट पहुंच जाना नहीं है। आपके विवाद की प्रकृति, कर्मचारी की स्थिति और लागू कानून के आधार पर सही मंच तय होता है।

कंपनी फुल एंड फाइनल सेटलमेंट नहीं दे रही तो क्या करें

अगर नौकरी छोड़ने या नौकरी खत्म होने के बाद कंपनी फुल एंड फाइनल सेटलमेंट नहीं दे रही है तो पहले कंपनी को लिखित रूप से भुगतान मांगें। इसमें बकाया वेतन, छुट्टी का पैसा, ग्रेच्युटी या अन्य देय राशि, अगर लागू हो, का स्पष्ट उल्लेख करें। How to complaint in labour court

इसके बाद मामले की प्रकृति के अनुसार SAMADHAN पोर्टल पर शिकायत की जा सकती है। पोर्टल पर वेतन भुगतान में देरी, कम भुगतान और अनधिकृत कटौती जैसी शिकायतों के लिए व्यवस्था उपलब्ध है।

How to complaint in labour court ध्यान रखें कि फुल एंड फाइनल सेटलमेंट का हर मामला एक जैसा नहीं होता। कर्मचारी किस श्रेणी में आता है, कंपनी पर कौन-सा कानून लागू होता है और बकाया किस तरह का है, इन बातों के आधार पर उचित प्राधिकारी अलग हो सकता है।

शिकायत के लिए कौन-कौन से कागज रखें

शिकायत करने से पहले कागज इकट्ठा कर लेना सबसे समझदारी वाला काम है। आपके पास ये चीजें होनी चाहिए।

नियुक्ति पत्र या जॉइनिंग से जुड़ा कागज।

कंपनी की ओर से दिया गया पहचान पत्र या कर्मचारी संख्या।

सैलरी स्लिप और बैंक खाते का विवरण।

कंपनी के साथ हुई ईमेल या व्हाट्सऐप बातचीत।

नौकरी छोड़ने या निकाले जाने से संबंधित पत्र या संदेश।

फुल एंड फाइनल सेटलमेंट से जुड़े दस्तावेज।

कंपनी को भेजी गई शिकायत और उसका जवाब।

बकाया रकम का हिसाब।

जितने ज्यादा ठोस दस्तावेज होंगे, उतना ही आसानी से अधिकारी आपके मामले को समझ पाएंगे।

Labour Court शिकायत के लिए जरूरी ईमेल आईडी

SAMADHAN पोर्टल से संबंधित तकनीकी दिक्कत होने पर आधिकारिक संपर्क ईमेल samadhan-mole@gov.in दिया गया है। यह ईमेल मुख्य रूप से तकनीकी समस्याओं के लिए है। पोर्टल ने 011-23473215 फोन नंबर भी दिया है और समय सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक, कार्यदिवसों में बताया गया है।

शिकायत दर्ज करने के लिए सिर्फ इस ईमेल पर मेल भेज देना हर मामले में पर्याप्त नहीं माना जाना चाहिए। अपनी शिकायत के लिए SAMADHAN पोर्टल या संबंधित श्रम कार्यालय की निर्धारित प्रक्रिया अपनाना ज्यादा उचित है।

अगर ऑनलाइन शिकायत नहीं कर पा रहे हैं तो क्या करें

How to complaint in labour court अगर आपको ऑनलाइन शिकायत करना नहीं आता तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर की मदद ली जा सकती है। SAMADHAN की जानकारी के मुताबिक सीएससी के जरिए भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।

इसके अलावा संबंधित श्रम कार्यालय में लिखित शिकायत देने का विकल्प भी मौजूद है। SAMADHAN की आधिकारिक जानकारी के अनुसार शिकायत सिर्फ ऑनलाइन करना अनिवार्य नहीं है और ऑफलाइन शिकायत मिलने पर संबंधित श्रम अधिकारी उसे पोर्टल पर दर्ज कर सकता है।

How to file a complaint in Labour Court in India?

पहले अपने रोजगार विवाद की जानकारी और दस्तावेज तैयार करें। फिर कंपनी को लिखित शिकायत दें और मामले की प्रकृति के अनुसार संबंधित श्रम अधिकारी या SAMADHAN पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

How to complaint in labour court अगर सुलह की कोशिश सफल नहीं होती तो औद्योगिक संबंध संहिता के तहत मामला औद्योगिक न्यायाधिकरण तक जा सकता है। सीधे कौन-सा आवेदन करना है और किस न्यायाधिकरण का अधिकार क्षेत्र होगा, यह आपके मामले और लागू नियमों पर निर्भर करेगा।

Where to complain if company not giving full and final settlement?

Where to complain if company not giving full and final settlement का जवाब भी मामले की प्रकृति पर निर्भर करता है। वेतन, भुगतान, गलत कटौती और रोजगार से जुड़े कई विवादों के लिए SAMADHAN पोर्टल उपयोगी माध्यम है।

How to complaint in labour court अगर मामला किसी खास कानून के तहत आता है तो संबंधित प्राधिकारी के पास जाना पड़ सकता है। उदाहरण के लिए ईपीएफ से जुड़ी शिकायत SAMADHAN के बजाय ईपीएफओ के शिकायत तंत्र में और ईएसआई से जुड़ा मामला ईएसआईसी के माध्यम से उठाया जाता है। SAMADHAN की आधिकारिक जानकारी भी ईपीएफओ और ईएसआईसी से जुड़े मामलों को अलग व्यवस्था के तहत भेजती है।

वकील के पैसे नहीं हैं तो क्या करें

अगर कर्मचारी के पास वकील करने के लिए पैसे नहीं हैं तो मुफ्त कानूनी सहायता का रास्ता भी मौजूद है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण यानी NALSA के तहत पात्र लोगों को अदालत, न्यायाधिकरण या प्राधिकरण के सामने कानूनी सहायता दी जा सकती है। औद्योगिक कामगार भी पात्र श्रेणियों में शामिल हैं।

आप अपने जिले की जिला विधिक सेवा प्राधिकरण यानी डीएलएसए से संपर्क कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश में भी औद्योगिक कामगारों समेत पात्र लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता देने की व्यवस्था है।

शिकायत करते समय इन गलतियों से बचें

How to complaint in labour court सबसे बड़ी गलती यह होती है कि कर्मचारी सिर्फ फोन पर कंपनी से बात करता रहता है और कोई लिखित रिकॉर्ड नहीं रखता। ऐसा न करें। ईमेल या लिखित शिकायत के जरिए अपनी बात रखें।

दूसरी गलती है बकाया रकम का गलत हिसाब लगाना। अपनी सैलरी स्लिप और बैंक स्टेटमेंट देखकर रकम का हिसाब तैयार करें।

तीसरी गलती है गुस्से में कंपनी को धमकी देना या गलत जानकारी देना। शिकायत में केवल वही बात लिखें जिसे दस्तावेज या दूसरे सबूत से साबित किया जा सके। How to complaint in labour court

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और सबसे जरूरी बात, शिकायत करने में बेवजह देरी न करें। औद्योगिक संबंध संहिता में विवादों की सुलह और न्यायाधिकरण में आवेदन के लिए समय-सीमा से जुड़े प्रावधान हैं। इसलिए मामला पुराना होने से पहले उचित कानूनी सलाह लेना बेहतर रहता है। How to complaint in labour court

complaint letter format to labour commissioner

श्रम विभाग में शिकायत का प्रारूप

How to complaint in labour court

सेवा में,

श्रम अधिकारी महोदय/महोदया,
[जिले का नाम], उत्तर प्रदेश।

विषय: वेतन/फुल एंड फाइनल सेटलमेंट/नौकरी से संबंधित समस्या के संबंध में शिकायत।

महोदय/महोदया,

सविनय निवेदन है कि मैं [अपना पूरा नाम], पुत्र/पुत्री [पिता/माता का नाम], निवासी [पूरा पता], पिछले [कितने समय से] [कंपनी का नाम] में [पद का नाम] के पद पर कार्य कर रहा/रही था/थी।

मेरी मासिक सैलरी ₹[रकम] थी। मैंने कंपनी में [जॉइनिंग की तारीख] को काम शुरू किया था। [नौकरी छोड़ने/निकाले जाने की तारीख] को मेरा रोजगार समाप्त हो गया। इसके बावजूद कंपनी ने मेरा ₹[बकाया राशि] का वेतन/फुल एंड फाइनल सेटलमेंट/अन्य देय राशि अभी तक नहीं दी है।

मैंने इस संबंध में कंपनी के अधिकारी/एचआर से कई बार संपर्क किया और दिनांक [तारीख] को लिखित/ईमेल के माध्यम से भी भुगतान की मांग की, लेकिन अभी तक मेरी समस्या का समाधान नहीं किया गया है।

कंपनी की ओर से मेरे साथ [वेतन रोकने/फुल एंड फाइनल नहीं देने/गलत कटौती करने/बिना उचित कारण नौकरी से निकालने] की समस्या हुई है। इस संबंध में मेरे पास नियुक्ति पत्र, सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट, कंपनी से हुई बातचीत और अन्य संबंधित दस्तावेज उपलब्ध हैं।

अतः आपसे निवेदन है कि मेरी शिकायत पर उचित कार्रवाई करते हुए कंपनी से मेरा बकाया वेतन/फुल एंड फाइनल सेटलमेंट/अन्य वैधानिक देय राशि दिलाने की कृपा करें। आवश्यकता होने पर कंपनी के प्रतिनिधि को बुलाकर मामले की जांच और नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

मैं जांच के दौरान सभी जरूरी दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध कराने के लिए तैयार हूं।

धन्यवाद।

How to complaint in labour court

दिनांक: [तारीख]
नाम: [पूरा नाम]
पिता/माता का नाम: [नाम]
मोबाइल नंबर: [मोबाइल नंबर]
ईमेल आईडी: [ईमेल]
पता: [पूरा पता]
कंपनी का नाम: [कंपनी का नाम]
कंपनी का पता: [कंपनी का पूरा पता]
पद: [पद का नाम]
कुल बकाया राशि: ₹[रकम]

हस्ताक्षर: [हस्ताक्षर]

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