मोबाइल के अंदर चल रही ठगी की दुनिया, Online fraud कैसे होता है और शिकायत कहां करें

By nhrccc369

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Online fraud

Online fraud कैसे होता है, ठगी के असली तरीके क्या हैं और अगर पैसे कट जाएं तो शिकायत कहां और कैसे करें, पूरी जानकारी आसान हिंदी में.

Online fraud आज इतना तेजी से क्यों बढ़ रहा है

आज लगभग हर इंसान के हाथ में स्मार्टफोन है. बैंक, खरीदारी, टिकट, बिल भुगतान, सब कुछ मोबाइल से हो रहा है. इसी सुविधा ने Online fraud को भी बढ़ावा दिया है. ठग अब सामने आकर नहीं, बल्कि स्क्रीन के पीछे से वार करते हैं.

लोगों को जल्दी काम निपटाने की आदत हो गई है. यही जल्दबाजी और भरोसा ठगों का सबसे बड़ा हथियार बन गया है. एक कॉल, एक मैसेज या एक लिंक और पूरा अकाउंट खाली हो जाता है.

फर्जी बैंक कॉल और डर का खेल

Online fraud का सबसे आम तरीका फर्जी बैंक कॉल है. कॉल करने वाला खुद को बैंक कर्मचारी बताता है. वह कहता है कि आपका अकाउंट बंद हो जाएगा, KYC अपडेट नहीं है या ATM कार्ड ब्लॉक हो गया है.

डर के माहौल में इंसान सोचने का समय नहीं लेता. जैसे ही OTP, कार्ड नंबर या CVV बताया जाता है, ठग कुछ सेकेंड में पैसे निकाल लेते हैं. बैंक कभी भी फोन पर ऐसी जानकारी नहीं मांगता, लेकिन लोग यह बात भूल जाते हैं.

UPI और QR Code से होने वाली ठगी

UPI ने पेमेंट आसान बनाया, लेकिन ठगों ने इसे भी हथियार बना लिया. वे कहते हैं कि पैसे भेजने के लिए QR Code स्कैन करो. असल में स्कैन करते ही पैसे कट जाते हैं.

OLX, Facebook या WhatsApp पर सामान बेचने के नाम पर यह ठगी बहुत आम हो गई है. लोग सोचते हैं कि पैसे आ रहे हैं, जबकि अकाउंट खाली हो रहा होता है.

नकली वेबसाइट और सस्ते ऑफर का जाल

कई Online fraud नकली वेबसाइट के जरिए होते हैं. वेबसाइट देखने में बिल्कुल असली लगती है. बड़े ब्रांड का नाम, भारी छूट और लिमिटेड ऑफर दिखाया जाता है.

FIR vs NCRB की असली सच्चाई

जैसे ही पेमेंट किया जाता है, न तो सामान आता है और न ही कोई संपर्क करता है. कस्टमर केयर नंबर भी बंद मिलता है. ऐसे मामलों में लोग समझ ही नहीं पाते कि ठगी कहां हुई.

सोशल मीडिया पर पहचान बदलकर ठगी

Instagram, Facebook और Telegram अब ठगों के नए अड्डे बन गए हैं. कोई निवेश का लालच देता है, कोई ऑनलाइन नौकरी का ऑफर करता है. कुछ लोग दोस्त या रिश्तेदार की फोटो लगाकर पैसे मांगते हैं.

भावनाओं में आकर लोग पैसे ट्रांसफर कर देते हैं. बाद में पता चलता है कि अकाउंट फर्जी था और प्रोफाइल गायब हो चुकी है.

Online fraud होने पर सबसे पहला कदम क्या होना चाहिए

अगर खाते से पैसे कट जाएं, तो घबराना सबसे बड़ी गलती होती है. सबसे पहले अपने बैंक या UPI ऐप को तुरंत सूचना दें. ऐप के अंदर ही “Report Fraud” या “Help” का विकल्प होता है.

इसके साथ ही 1930 नंबर पर तुरंत कॉल करना बहुत जरूरी है. यह नंबर जितनी जल्दी डायल किया जाएगा, पैसे बचने की संभावना उतनी बढ़ जाएगी.

साइबर अपराध की शिकायत ऑनलाइन कैसे करें

भारत सरकार ने ऑनलाइन ठगी की शिकायत के लिए cybercrime.gov.in पोर्टल बनाया है. यहां कोई भी व्यक्ति खुद से शिकायत दर्ज कर सकता है.

शिकायत करते समय मोबाइल नंबर से लॉगिन करना होता है. उसके बाद फ्रॉड की पूरी जानकारी, ट्रांजेक्शन ID, तारीख, समय और स्क्रीनशॉट अपलोड करने होते हैं. जितनी साफ जानकारी होगी, कार्रवाई उतनी तेज होगी.

पुलिस स्टेशन जाना कब जरूरी होता है

अगर ठगी की रकम ज्यादा है या मामला गंभीर है, तो नजदीकी पुलिस स्टेशन जाना जरूरी हो जाता है. वहां लिखित शिकायत देकर FIR दर्ज कराई जाती है.

FIR के बाद मामला साइबर सेल को भेजा जाता है. इससे जांच को कानूनी ताकत मिलती है और ठगों तक पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है.

Online fraud में पैसे वापस मिलते हैं या नहीं

यह सवाल हर पीड़ित के मन में होता है. सच्चाई यह है कि अगर शिकायत जल्दी की जाए, तो पैसे वापस मिलने की संभावना रहती है.

देरी होने पर ठग पैसे निकाल लेते हैं और मामला मुश्किल हो जाता है. इसलिए समय सबसे बड़ा फैक्टर होता है.

ठगी से बचने के लिए आम आदमी क्या करे

कभी भी OTP, CVV, ATM नंबर किसी को न बताएं. अनजान लिंक पर क्लिक न करें. बहुत ज्यादा सस्ते ऑफर पर भरोसा न करें.

अगर कोई खुद को बैंक या सरकारी कर्मचारी बताए, तो पहले खुद जांच करें. जल्दबाजी में कोई फैसला न लें.

जागरूकता ही सबसे मजबूत सुरक्षा है

Online fraud पूरी तरह खत्म नहीं हो सकता, लेकिन जागरूकता से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है. जितनी जानकारी होगी, उतना नुकसान कम होगा.

सरकार, बैंक और पुलिस अपना काम कर रहे हैं, लेकिन सबसे बड़ी जिम्मेदारी आम आदमी की समझदारी पर ही टिकी है. सही समय पर सही कदम ही ऑनलाइन ठगी से बचने का सबसे असरदार तरीका है.

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