How to write FIR , पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का सही तरीका क्या है, इस लेख में FIR application से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को आसान और देसी भाषा में
भारत में जब भी किसी व्यक्ति के साथ कोई अपराध होता है, तो सबसे पहला कानूनी कदम एफआईआर दर्ज कराना होता है. लेकिन बहुत से लोगों को आज भी यह साफ नहीं होता कि FIR application कैसे लिखी जाती है, उसमें क्या लिखा जाए और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है. इसी उलझन की वजह से कई बार लोग सही शिकायत दर्ज नहीं करा पाते और मामला कमजोर पड़ जाता है.
How to write FIR यह लेख खास तौर पर आम आदमी के लिए है, ताकि कोई भी व्यक्ति बिना डर और झिझक के सही FIR application लिख सके और अपने अधिकारों की रक्षा कर सके.
FIR application क्या होती है और क्यों जरूरी है
FIR का पूरा नाम First Information Report होता है. इसका मतलब होता है किसी अपराध की पहली आधिकारिक सूचना. FIR application वह लिखित शिकायत होती है, जिसके आधार पर पुलिस किसी मामले की जांच शुरू करती है.
जब FIR दर्ज होती है, तभी पुलिस के पास कानूनी अधिकार आता है कि वह आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करे, जांच करे और जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी भी करे. बिना FIR के ज्यादातर मामलों में पुलिस केवल सामान्य पूछताछ तक ही सीमित रहती है.
How to write FIR इसलिए अगर आपके साथ चोरी, मारपीट, धमकी, धोखाधड़ी, उत्पीड़न या कोई भी संज्ञेय अपराध हुआ है, तो FIR application लिखना बेहद जरूरी हो जाता है.
FIR application लिखने से पहले किन बातों को समझें
How to write FIR – FIR application लिखने से पहले सबसे जरूरी बात यह है कि आप पूरी घटना को दिमाग में साफ कर लें. कब घटना हुई, कहां हुई, कौन शामिल था और क्या नुकसान हुआ, इन सभी सवालों के जवाब आपको खुद से स्पष्ट होने चाहिए.
FIR application में हमेशा सच लिखना चाहिए. कोई भी बात बढ़ा-चढ़ाकर या अनुमान के आधार पर नहीं लिखनी चाहिए. गलत जानकारी देने से बाद में मामला कमजोर पड़ सकता है.
यह भी ध्यान रखें कि FIR application उसी थाने में दी जाती है, जिसके क्षेत्र में घटना हुई हो. इसे ही पुलिस की भाषा में क्षेत्राधिकार कहा जाता है.
FIR application का सही फॉर्मेट क्या होता है
How to write FIR – FIR application लिखने का कोई बहुत कठिन फॉर्मेट नहीं होता, लेकिन कुछ जरूरी बातें हर आवेदन में होनी चाहिए.
सबसे ऊपर थाना प्रभारी को संबोधित किया जाता है. इसके बाद विषय लिखा जाता है, जिसमें साफ तौर पर बताया जाता है कि आप किस अपराध की शिकायत कर रहे हैं.
इसके बाद पूरे घटनाक्रम को क्रमवार तरीके से लिखा जाता है. अंत में अपने नाम, पते और हस्ताक्षर के साथ आवेदन पूरा किया जाता है.
FIR application कैसे लिखें, स्टेप बाय स्टेप तरीका
How to write FIR – सबसे पहले अपने आवेदन की शुरुआत संबोधन से करें. जैसे
सेवा में,
थाना प्रभारी,
थाना का नाम, जिला का नाम.
इसके बाद विषय लिखें, जिसमें FIR application का उद्देश्य साफ झलके.
How to write FIR – अब मुख्य पैराग्राफ में घटना का विवरण लिखें. यहां आपको बताना चाहिए कि घटना किस तारीख को हुई, किस समय हुई और किस जगह पर हुई. इसके साथ यह भी लिखें कि आरोपी कौन था या अगर नाम नहीं पता तो उसकी पहचान कैसे की जा सकती है.
घटना के दौरान क्या हुआ, आपको या आपके परिवार को क्या नुकसान हुआ, यह सब साफ और सीधी भाषा में लिखें. अगर किसी तरह की धमकी दी गई हो, तो उसका भी जिक्र जरूर करें.
How to Write FIR For Police in Hindi 2025
इसके बाद पुलिस से निवेदन करें कि वह आपकी FIR application के आधार पर मामला दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई करे.
अंत में अपना नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर और तारीख लिखें.
FIR application लिखते समय आम लोग कहां गलती करते हैं
How to write FIR – बहुत से लोग FIR application लिखते समय गुस्से या डर में आकर बातों को उलझा देते हैं. इससे आवेदन समझने में दिक्कत होती है.
कुछ लोग पूरी घटना लिखने के बजाय सिर्फ आरोप लिख देते हैं, जिससे पुलिस को तथ्य समझने में परेशानी होती है.
How to write FIR – कई बार लोग यह भी भूल जाते हैं कि FIR application में तारीख और समय का सही उल्लेख बेहद जरूरी होता है.
अगर पुलिस FIR दर्ज न करे तो क्या करें
कई बार ऐसा होता है कि पुलिस FIR application लेने से मना कर देती है. ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं होती.
How to write FIR – आप उसी आवेदन की एक कॉपी लेकर जिले के पुलिस अधीक्षक या डीसीपी कार्यालय में दे सकते हैं. कानून आपको यह अधिकार देता है.
इसके अलावा आप ऑनलाइन FIR या जनसुनवाई पोर्टल का भी सहारा ले सकते हैं. गंभीर मामलों में मजिस्ट्रेट के समक्ष भी प्रार्थना पत्र दिया जा सकता है.
FIR application और आपकी कानूनी ताकत
How to write FIR – एक सही तरीके से लिखी गई FIR application आपकी सबसे बड़ी कानूनी ताकत बन जाती है. यही आवेदन आगे चलकर पुलिस जांच, चार्जशीट और कोर्ट की कार्यवाही की नींव बनता है.
इसलिए FIR application को हल्के में नहीं लेना चाहिए. जितनी साफ, तथ्यात्मक और सटीक आपकी FIR application होगी, उतना ही मजबूत आपका मामला बनेगा.
Sample F.I.R
सेवा में,
थाना प्रभारी
थाना __________
जनपद __________
विषय
__________ के संबंध में FIR दर्ज किए जाने हेतु प्रार्थना पत्र
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं __________ पुत्र/पुत्री __________ निवासी __________ हूं. दिनांक __________ को समय लगभग __________ बजे __________ स्थान पर मेरे साथ एक घटना घटित हुई.
उक्त घटना में __________ व्यक्ति/व्यक्तियों द्वारा __________ किया गया. इस घटना के कारण मुझे __________ प्रकार की क्षति पहुंची है. घटना के समय आरोपी ने __________ किया तथा मुझे __________ की धमकी भी दी.
यह पूरा कृत्य भारतीय कानून के अंतर्गत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है. घटना से संबंधित संपूर्ण जानकारी मैंने इस आवेदन में सही और सत्य रूप में अंकित की है.
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि मेरी इस शिकायत को संज्ञान में लेते हुए संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की कृपा करें, ताकि मुझे न्याय प्राप्त हो सके.
मैं पुलिस जांच में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हूं.
धन्यवाद.
भवदीय
नाम __________
पिता/पति का नाम __________
पूरा पता __________
मोबाइल नंबर __________
दिनांक __________
हस्ताक्षर __________






